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घर में घुसकर मां-बेटी पर हमला, जमीन कब्जाने की साजिश का आरोप — कोर्ट के आदेश पर 18 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

चहारदीवारी तोड़ने से शुरू हुआ विवाद, विरोध पर बेरहमी से पिटाई — पुलिस की निष्क्रियता पर उठे सवाल

भैरवपुर में दबंगों का तांडव: घर में घुसकर मां-बेटी को पीटा, जमीन पर जबरन कब्जा

चहारदीवारी तोड़ी, विरोध पर बेरहमी — कोर्ट के आदेश के बाद 18 के खिलाफ केस दर्ज

प्रतापगढ़ (कुंडा)। महेशगंज थाना क्षेत्र के भैरवपुर गांव में दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है, आरोप है कि जमीन के विवाद में कुछ लोगों ने घर में घुसकर मां-बेटी के साथ मारपीट की और जमीन पर जबरन कब्जा कर निर्माण कर लिया। शिकायत के बाद भी पुलिस की अनदेखी के बाद पीड़िता को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

🟥 घटना की पूरी कहानी
गांव निवासी रीतू रावत ने आरोप लगाया कि पिता की मौत के बाद वह अपनी मां के साथ रहकर उनकी देखभाल करती है। 14 जुलाई 2025 की सुबह गांव के ही कुछ लोग जेसीबी लेकर पहुंचे और उसकी चहारदीवारी तोड़ने लगे।
विरोध करने पर आरोपियों ने घर में घुसकर रीतू की बेरहमी से पिटाई कर दी। बीच-बचाव करने आई उसकी मां को भी धक्का देकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।

🟥 पुलिस की भूमिका पर सवाल
घटना के तुरंत बाद यूपी-112 पर कॉल की गई, लेकिन पुलिस के आने से पहले ही आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए।
पीड़िता का आरोप है कि थाने में शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उसे मजबूरन कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।

🟥 इलाज के दौरान जमीन पर कब्जा
रीतू रावत के अनुसार, 7 अगस्त को जब वह अपनी मां का इलाज कराने गई थी, उसी दौरान आरोपियों ने उसकी जमीन पर मकान बनाकर कब्जा कर लिया।

🟥 कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने गुलशन, अतुल, संताराम, नन्हे, अवधेश, जीतलाल, ममता, अम्बरीश समेत 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

🟥 बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि इलाके में दबंगों के हौसले कितने बुलंद हैं और पुलिस की निष्क्रियता किस तरह पीड़ितों को न्याय के लिए भटकने पर मजबूर करती है।

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